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Bible English Sentence बाइबिल हिन्दी सेंटेंस
CHAPTER 13 अध्याय 13
Ch-12 <---> Ch-14
And Abram went up out of Egypt, he, and his wife, and all that he had, and Lot with him, into the south. तब अब्राम अपनी पत्नी, और अपनी सारी सम्पत्ति ले कर, लूत को भी संग लिये हुए, मिस्र को छोड़ कर कनान के दक्खिन देश में आया।
2 And Abram was very rich in cattle, in silver, and in gold. 2 अब्राम भेड़-बकरी, गाय-बैल, और सोने-रूपे का बड़ा धनी था।
3 And he went on his journeys from the south even to Bethel, unto the place where his tent had been at the beginning, between Bethel and Hai; 3 फिर वह दक्खिन देश से चलकर, बेतेल के पास उसी स्थान को पहुंचा, जहां उसका तम्बू पहले पड़ा था, जो बेतेल और ऐ के बीच में है।
4 Unto the place of the altar, which he had made there at the first: and there Abram called on the name of the LORD. 4 यह स्थान उस वेदी का है, जिसे उसने पहले बनाई थी, और वहां अब्राम ने फिर यहोवा से प्रार्थना की।
5 And Lot also, which went with Abram, had flocks, and herds, and tents. 5 और लूत के पास भी, जो अब्राम के साथ चलता था, भेड़-बकरी, गाय-बैल, और तम्बू थे।
6 And the land was not able to bear them, that they might dwell together: for their substance was great, so that they could not dwell together. 6 सो उस देश में उन दोनों की समाई न हो सकी कि वे इकट्ठे रहें: क्योंकि उनके पास बहुत धन था इसलिये वे इकट्ठे न रह सके।
7 And there was a strife between the herdmen of Abram's cattle and the herdmen of Lot's cattle: and the Canaaniteand the Perizzite dwelled then in the land. 7 सो अब्राम, और लूत की भेड़-बकरी, और गाय-बैल के चरवाहों के बीच में झगड़ा हुआ: और उस समय कनानी, और परिज्जी लोग, उस देश में रहते थे।
8 And Abram said unto Lot, Let there be no strife, I pray thee, between me and thee, and between my herdmen and thy herdmen; for we be brethren. 8 तब अब्राम लूत से कहने लगा, मेरे और तेरे बीच, और मेरे और तेरे चरवाहों के बीच में झगड़ा न होने पाए; क्योंकि हम लोग भाई बन्धु हैं।
9 Is not the whole land before thee? separate thyself, I pray thee, from me: if thou wilt take the left hand, then I will go to the right; or if thou depart to the right hand, then I will go to the left. 9 क्या सारा देश तेरे साम्हने नहीं? सो मुझ से अलग हो, यदि तू बाईं ओर जाए तो मैं दाहिनी ओर जाऊंगा; और यदि तू दाहिनी ओर जाए तो मैं बाईं ओर जाऊंगा।
10 And Lot lifted up his eyes, and beheld all the plain of Jordan, that it was well watered every where, before the LORD destroyed Sodom and Gomorrah, even as the garden of the LORD, like the land of Egypt, as thou comest unto Zoar. 10 तब लूत ने आंख उठा कर, यरदन नदी के पास वाली सारी तराई को देखा, कि वह सब सिंची हुई है। जब तक यहोवा ने सदोम और अमोरा को नाश न किया था, तब तक सोअर के मार्ग तक वह तराई यहोवा की बाटिका, और मिस्र देश के समान उपजाऊ थी।
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11 Then Lot chose him all the plain of Jordan; and Lot journeyed east: and they separated themselves the one from the other. 11 सो लूत अपने लिये यरदन की सारी तराई को चुन के पूर्व की ओर चला, और वे एक दूसरे से अलग हो गए।
12 Abram dwelled in the land of Canaan, and Lot dwelled in the cities of the plain, and pitched his tent toward Sodom. 12 अब्राम तो कनान देश में रहा, पर लूत उस तराई के नगरों में रहने लगा; और अपना तम्बू सदोम के निकट खड़ा किया।
13 But the men of Sodom were wicked and sinners before the LORD exceedingly. 13 सदोम के लोग यहोवा के लेखे में बड़े दुष्ट और पापी थे।
14 And the LORD said unto Abram, after that Lot was separated from him, Lift up now thine eyes, and look from the place where thou art northward, and southward, and eastward, and westward: 14 जब लूत अब्राम से अलग हो गया तब उसके पश्चात यहोवा ने अब्राम से कहा, आंख उठा कर जिस स्थान पर तू है वहां से उत्तर-दक्खिन, पूर्व-पश्चिम, चारों ओर दृष्टि कर।
15 For all the land which thou seest, to thee will I give it, and to thy seed for ever. 15 क्योंकि जितनी भूमि तुझे दिखाई देती है, उस सब को मैं तुझे और तेरे वंश को युग युग के लिये दूंगा।
16 And I will make thy seed as the dust of the earth: so that if a man can number the dust of the earth, then shall thy seed also be numbered. 16 और मैं तेरे वंश को पृथ्वी की धूल के किनकों की नाईं बहुत करूंगा, यहां तक कि जो कोई पृथ्वी की धूल के किनकों को गिन सकेगा वही तेरा वंश भी गिन सकेगा।
17 Arise, walk through the land in the length of it and in the breadth of it; for I will give it unto thee. 17 उठ, इस देश की लम्बाई और चौड़ाई में चल फिर; क्योंकि मैं उसे तुझी को दूंगा।
18 Then Abram removed his tent, and came and dwelt in the plain of Mamre, which is in Hebron, and built there an altar unto the LORD. 18 इसके पशचात् अब्राम अपना तम्बू उखाड़ कर, माम्रे के बांजों के बीच जो हेब्रोन में थे जा कर रहने लगा, और वहां भी यहोवा की एक वेदी बनाई॥
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