Curious Logo

We are giving service in NLP, We have a collections in various doamin, email us info@curiousinfotechsolutions.com
Visit at www.curiousinfotechsolutions.com

01 02 03 04 05 06 07 08 09 10 11 12 13 14 15 16 17 18 19 20 21 22 23 24 25 26 27 28 29 30 31 32 33 34 35 36 37 38 39 40 41 42 43 44 45 46 47 48 49 50
Bible English Sentence बाइबिल हिन्दी सेंटेंस
CHAPTER 20 अध्याय 20
Ch-19 ==== Ch-21
1 And Abraham journeyed from thence toward the south country, and dwelled between Kadesh and Shur, and sojourned in Gerar. 1 फिर इब्राहीम वहां से कूच कर दक्खिन देश में आकर कादेश और शूर के बीच में ठहरा, और गरार में रहने लगा।
2 And Abraham said of Sarah his wife, She is my sister: and Abimelech king of Gerar sent, and took Sarah. 2 और इब्राहीम अपनी पत्नी सारा के विषय में कहने लगा, कि वह मेरी बहिन है: सो गरार के राजा अबीमेलेक ने दूत भेज कर सारा को बुलवा लिया।
3 But God came to Abimelech in a dream by night, and said to him, Behold, thou art but a dead man, for the woman which thou hast taken; for she is a man's wife. 3 रात को परमेश्वर ने स्वप्न में अबीमेलेक के पास आकर कहा, सुन, जिस स्त्री को तू ने रख लिया है, उसके कारण तू मर जाएगा, क्योंकि वह सुहागिन है।
4 But Abimelech had not come near her: and he said, LORD, wilt thou slay also a righteous nation? 4 परन्तु अबीमेलेक तो उसके पास न गया था: सो उसने कहा, हे प्रभु, क्या तू निर्दोष जाति का भी घात करेगा?
5 Said he not unto me, She is my sister? and she, even she herself said, He is my brother: in the integrity of my heart and innocency of my hands have I done this. 5 क्या उसी ने स्वयं मुझ से नहीं कहा, कि वह मेरी बहिन है? और उस स्त्री ने भी आप कहा, कि वह मेरा भाई है: मैं ने तो अपने मन की खराई और अपने व्यवहार की सच्चाई से यह काम किया।
6 And God said unto him in a dream, Yea, I know that thou didst this in the integrity of thy heart; for I also withheld thee from sinning against me: therefore suffered I thee not to touch her. 6 परमेश्वर ने उससे स्वप्न में कहा, हां, मैं भी जानता हूं कि अपने मन की खराई से तू ने यह काम किया है और मैं ने तुझे रोक भी रखा कि तू मेरे विरुद्ध पाप न करे: इसी कारण मैं ने तुझ को उसे छूने नहीं दिया।
7 Now therefore restore the man his wife; for he is a prophet, and he shall pray for thee, and thou shalt live: and if thou restore her not, know thou that thou shalt surely die, thou, and all that are thine. 7 सो अब उस पुरूष की पत्नी को उसे फेर दे; क्योंकि वह नबी है, और तेरे लिये प्रार्थना करेगा, और तू जीता रहेगा: पर यदि तू उसको न फेर दे तो जान रख, कि तू, और तेरे जितने लोग हैं, सब निश्चय मर जाएंगे।
8 Therefore Abimelech rose early in the morning, and called all his servants, and told all these things in their ears: and the men were sore afraid. 8 बिहान को अबीमेलेक ने तड़के उठ कर अपने सब कर्मचारियों को बुलवा कर ये सब बातें सुनाई: और वे लोग बहुत डर गए।
9 Then Abimelech called Abraham, and said unto him, What hast thou done unto us? and what have I offended thee, that thou hast brought on me and on my kingdom a great sin? thou hast done deeds unto me that ought not to be done. 9 तब अबीमेलेक ने इब्राहीम को बुलवा कर कहा, तू ने हम से यह क्या किया है? और मैं ने तेरा क्या बिगाड़ा था, कि तू ने मेरे और मेरे राज्य के ऊपर ऐसा बड़ा पाप डाल दिया है? तू ने मुझ से वह काम किया है जो उचित न था।
10 And Abimelech said unto Abraham, What sawest thou, that thou hast done this thing? 10 फिर अबीमेलेक ने इब्राहीम से पूछा, तू ने क्या समझ कर ऐसा काम किया?
Jump to top of page
11 And Abraham said, Because I thought, Surely the fear of God is not in this place; and they will slay me for my wife's sake. 11 इब्राहीम ने कहा, मैं ने यह सोचा था, कि इस स्थान में परमेश्वर का कुछ भी भय न होगा; सो ये लोग मेरी पत्नी के कारण मेरा घात करेंगे।
12 And yet indeed she is my sister; she is the daughter of my father, but not the daughter of my mother; and she became my wife. 12 और फिर भी सचमुच वह मेरी बहिन है, वह मेरे पिता की बेटी तो है पर मेरी माता की बेटी नहीं; फिर वह मेरी पत्नी हो गई।
13 And it came to pass, when God caused me to wander from my father's house, that I said unto her, This is thy kindness which thou shalt shew unto me; at every place whither we shall come, say of me, He is my brother. 13 और ऐसा हुआ कि जब परमेश्वर ने मुझे अपने पिता का घर छोड़ कर निकलने की आज्ञा दी, तब मैं ने उससे कहा, इतनी कृपा तुझे मुझ पर करनी होगी: कि हम दोनोंजहां जहां जाएं वहां वहां तू मेरे विषय में कहना, कि यह मेरा भाई है।
14 And Abimelech took sheep, and oxen, and menservants, and womenservants, and gave them unto Abraham, and restored him Sarah his wife. 14 तब अबीमेलेक ने भेड़-बकरी, गाय-बैल, और दास-दासियां ले कर इब्राहीम को दीं, और उसकी पत्नी सारा को भी उसे फेर दिया।
15 And Abimelech said, Behold, my land is before thee: dwell where it pleaseth thee. 15 और अबीमेलेक ने कहा, देख, मेरा देश तेरे साम्हने है; जहां तुझे भावे वहां रह।
16 And unto Sarah he said, Behold, I have given thy brother a thousand pieces of silver: behold, he is to thee a covering of the eyes, unto all that are with thee, and with all other: thus she was reproved. 16 और सारा से उसने कहा, देख, मैं ने तेरे भाई को रूपे के एक हजार टुकड़े दिए हैं: देख, तेरे सारे संगियों के साम्हने वही तेरी आंखों का पर्दा बनेगा, और सभों के साम्हने तू ठीक होगी।
17 So Abraham prayed unto God: and God healed Abimelech, and his wife, and his maidservants; and they bare children. 17 तब इब्राहीम ने यहोवा से प्रार्थना की, और यहोवा ने अबीमेलेक, और उसकी पत्नी, और दासियों को चंगा किया और वे जनने लगीं।
18 For the LORD had fast closed up all the wombs of the house of Abimelech, because of Sarah Abraham's wife. 18 क्योंकि यहोवा ने इब्राहीम की पत्नी सारा के कारण अबीमेलेक के घर की सब स्त्रियों की कोखों को पूरी रीति से बन्द कर दिया था॥
Ch-19 Jump to top of page Ch-21