Curious Logo

We are giving service in NLP, We have a collections in various doamin, email us info@curiousinfotechsolutions.com
Visit at www.curiousinfotechsolutions.com

01 02 03 04 05 06 07 08 09 10 11 12 13 14 15 16 17 18 19 20 21 22 23 24 25 26 27 28 29 30 31 32 33 34 35 36 37 38 39 40 41 42 43 44 45 46 47 48 49 50
Bible English Sentence बाइबिल हिन्दी सेंटेंस
CHAPTER 25 अध्याय 25
Ch-24 == Ch-26
1 Then again Abraham took a wife, and her name was Keturah. 1 तब इब्राहीम ने एक और पत्नी ब्याह ली जिसका नाम कतूरा था।
2 And she bare him Zimran, and Jokshan, and Medan, and Midian, and Ishbak, and Shuah. 2 और उससे जिम्रान, योक्षान, मदना, मिद्यान, यिशबाक, और शूह उत्पन्न हुए।
3 And Jokshan begat Sheba, and Dedan. And the sons of Dedan were Asshurim, and Letushim, and Leummim. 3 और योक्षान से शबा और ददान उत्पन्न हुए। और ददान के वंश में अश्शूरी, लतूशी, और लुम्मी लोग हुए।
4 And the sons of Midian; Ephah, and Epher, and Hanoch, and Abidah, and Eldaah. All these were the children of Keturah. 4 और मिद्यान के पुत्र एपा, एपेर, हनोक, अबीदा, और एल्दा हुए, से सब कतूरा के सन्तान हुए।
5 And Abraham gave all that he had unto Isaac. 5 इसहाक को तो इब्राहीम ने अपना सब कुछ दिया।
6 But unto the sons of the concubines, which Abraham had, Abraham gave gifts, and sent them away from Isaac his son, while he yet lived, eastward, unto the east country. 6 पर अपनी रखेलियों के पुत्रों को, कुछ कुछ दे कर अपने जीते जी अपने पुत्र इसहाक के पास से पूरब देश में भेज दिया।
7 And these are the days of the years of Abraham's life which he lived, an hundred threescore and fifteen years. 7 इब्राहीम की सारी अवस्था एक सौ पचहत्तर वर्ष की हुई।
8 Then Abraham gave up the ghost, and died in a good old age, an old man, and full of years; and was gathered to his people. 8 और इब्राहीम का दीर्घायु होने के कारण अर्थात पूरे बुढ़ापे की अवस्था में प्राण छूट गया। और वह अपने लोगों में जा मिला।
9 And his sons Isaac and Ishmael buried him in the cave of Machpelah, in the field of Ephron the son of Zohar the Hittite, which is before Mamre; 9 और उसके पुत्र इसहाक और इश्माएल ने, हित्ती सोहर के पुत्र एप्रोन की मम्रे के सम्मुख वाली भूमि में, जो मकपेला की गुफा थी, उस में उसको मिट्टी दी गई।
10 The field which Abraham purchased of the sons of Heth: there was Abraham buried, and Sarah his wife. 10 अर्थात जो भूमि इब्राहीम ने हित्तियों से मोल ली थी: उसी में इब्राहीम, और उस की पत्नी सारा, दोनों को मिट्टी दी गई।
Jump to top of page
11 And it came to pass after the death of Abraham, that God blessed his son Isaac; and Isaac dwelt by the well Lahairoi. 11 इब्राहीम के मरने के पश्चात परमेश्वर ने उसके पुत्र इसहाक को जो लहैरोई नाम कुएं के पास रहता था आशीष दी॥
12 Now these are the generations of Ishmael, Abraham's son, whom Hagar the Egyptian, Sarah's handmaid, bare unto Abraham: 12 इब्राहीम का पुत्र इश्माएल जो सारा की लौंडी हाजिरा मिस्री से उत्पन्न हुआ था, उसकी यह वंशावली है।
13 And these are the names of the sons of Ishmael, by their names, according to their generations: the firstborn of Ishmael, Nebajoth; and Kedar, and Adbeel, and Mibsam, 13 इश्माएल के पुत्रों के नाम और वंशावली यह है: अर्थात इश्माएल का जेठा पुत्र नबायोत, फिर केदार, अद्बेल, मिबसाम,
14 And Mishma, and Dumah, and Massa, 14 मिश्मा, दूमा, मस्सा,
15 Hadar, and Tema, Jetur, Naphish, and Kedemah: 15 हदर, तेमा, यतूर, नपीश, और केदमा।
16 These are the sons of Ishmael, and these are their names, by their towns, and by their castles; twelve princes according to their nations. 16 इश्माएल के पुत्र ये ही हुए, और इन्हीं के नामों के अनुसार इनके गांवों, और छावनियों के नाम भी पड़े; और ये ही बारह अपने अपने कुल के प्रधान हुए।
17 And these are the years of the life of Ishmael, an hundred and thirty and seven years: and he gave up the ghost and died; and was gathered unto his people. 17 इश्माएल की सारी अवस्था एक सौ सैंतीस वर्ष की हुई: तब उसके प्राण छूट गए, और वह अपने लोगों में जा मिला।
18 And they dwelt from Havilah unto Shur, that is before Egypt, as thou goest toward Assyria: and he died in the presence of all his brethren. 18 और उसके वंश हवीला से शूर तक, जो मिस्र के सम्मुख अश्शूर् के मार्ग में है, बस गए। और उनका भाग उनके सब भाई बन्धुओं के सम्मुख पड़ा॥
19 And these are the generations of Isaac, Abraham's son: Abraham begat Isaac: 19 इब्राहीम के पुत्र इसहाक की वंशावली यह है: इब्राहीम से इसहाक उत्पन्न हुआ।
20 And Isaac was forty years old when he took Rebekah to wife, the daughter of Bethuel the Syrian of Padanaram, the sister to Laban the Syrian. 20 और इसहाक ने चालीस वर्ष का हो कर रिबका को, जो पद्दनराम के वासी, अरामी बतूएल की बेटी, और अरामी लाबान की बहिन भी, ब्याह लिया।
Jump to top of page
21 And Isaac intreated the LORD for his wife, because she was barren: and the LORD was intreated of him, and Rebekah his wife conceived. 21 इसहाक की पत्नी तो बांझ थी, सो उस ने उस के निमित्त यहोवा से बिनती की: और यहोवा ने उसकी बिनती सुनी, सो उसकी पत्नी रिबका गर्भवती हुई।
22 And the children struggled together within her; and she said, If it be so, why am I thus? And she went to enquire of the LORD. 22 और लड़के उसके गर्भ में आपस में लिपट के एक दूसरे को मारने लगे: तब उसने कहा, मेरी जो ऐसी ही दशा रहेगी तो मैं क्योंकर जीवित रहूंगी? और वह यहोवा की इच्छा पूछने को गई।
23 And the LORD said unto her, Two nations are in thy womb, and two manner of people shall be separated from thy bowels; and the one people shall be stronger than the other people; and the elder shall serve the younger. 23 तब यहोवा ने उससे कहा तेरे गर्भ में दो जातियां हैं, और तेरी कोख से निकलते ही दो राज्य के लोग अलग अलग होंगे, और एक राज्य के लोग दूसरे से अधिक सामर्थी होंगे और बड़ा बेटा छोटे के आधीन होगा।
24 And when her days to be delivered were fulfilled, behold, there were twins in her womb. 24 जब उसके पुत्र उत्पन्न होने का समय आया, तब क्या प्रगट हुआ, कि उसके गर्भ में जुड़वें बालक हैं।
25 And the first came out red, all over like an hairy garment; and they called his name Esau. 25 और पहिला जो उत्पन्न हुआ सो लाल निकला, और उसका सारा शरीर कम्बल के समान रोममय था; सो उसका नाम ऐसाव रखा गया।
26 And after that came his brother out, and his hand took hold on Esau's heel; and his name was called Jacob: and Isaac was threescore years old when she bare them. 26 पीछे उसका भाई अपने हाथ से ऐसाव की एड़ी पकड़े हुए उत्पन्न हुआ; और उसका नाम याकूब रखा गया। और जब रिबका ने उन को जन्म दिया तब इसहाक साठ वर्ष का था।
27 And the boys grew: and Esau was a cunning hunter, a man of the field; and Jacob was a plain man, dwelling in tents. 27 फिर वे लड़के बढ़ने लगे और ऐसाव तो वनवासी हो कर चतुर शिकार खेलने वाला हो गया, पर याकूब सीधा मनुष्य था, और तम्बुओं में रहा करता था।
28 And Isaac loved Esau, because he did eat of his venison: but Rebekah loved Jacob. 28 और इसहाक तो ऐसाव के अहेर का मांस खाया करता था, इसलिये वह उससे प्रीति रखता था: पर रिबका याकूब से प्रीति रखती थी॥
29 And Jacob sod pottage: and Esau came from the field, and he was faint: 29 याकूब भोजन के लिये कुछ दाल पका रहा था: और ऐसाव मैदान से थका हुआ आया।
30 And Esau said to Jacob, Feed me, I pray thee, with that same red pottage; for I am faint: therefore was his name called Edom. 30 तब ऐसाव ने याकूब से कहा, वह जो लाल वस्तु है, उसी लाल वस्तु में से मुझे कुछ खिला, क्योंकि मैं थका हूं। इसी कारण उसका नाम एदोम भी पड़ा।
Jump to top of page
31 And Jacob said, Sell me this day thy birthright. 31 याकूब ने कहा, अपना पहिलौठे का अधिकार आज मेरे हाथ बेच दे।
32 And Esau said, Behold, I am at the point to die: and what profit shall this birthright do to me? 32 ऐसाव ने कहा, देख, मैं तो अभी मरने पर हूं: सो पहिलौठे के अधिकार से मेरा क्या लाभ होगा?
33 And Jacob said, Swear to me this day; and he sware unto him: and he sold his birthright unto Jacob. 33 याकूब ने कहा, मुझ से अभी शपथ खा: सो उसने उससे शपथ खाई: और अपना पहिलौठे का अधिकार याकूब के हाथ बेच डाला।
34 Then Jacob gave Esau bread and pottage of lentiles; and he did eat and drink, and rose up, and went his way: thus Esau despised his birthright. 34 इस पर याकूब ने ऐसाव को रोटी और पकाई हुई मसूर की दाल दी; और उसने खाया पिया, तब उठ कर चला गया। यों ऐसाव ने अपना पहिलौठे का अधिकार तुच्छ जाना॥
Ch-24 Jump to top of page Ch-26