Curious Logo

We are giving service in NLP, We have a collections in various doamin, email us info@curiousinfotechsolutions.com
Visit at www.curiousinfotechsolutions.com

01 02 03 04 05 06 07 08 09 10 11 12 13 14 15 16 17 18 19 20 21 22 23 24 25 26 27 28 29 30 31 32 33 34 35 36 37 38 39 40 41 42 43 44 45 46 47 48 49 50
Bible English Sentence बाइबिल हिन्दी सेंटेंस
CHAPTER 9 अध्याय 9
(Ch-08) Previous == == Next ( Ch-10)
1 And God blessed Noah and his sons, and said unto them, Be fruitful, and multiply, and replenish the earth. 1 फिर परमेश्वर ने नूह और उसके पुत्रों को आशीष दी और उन से कहा कि फूलो-फलो, और बढ़ो, और पृथ्वी में भर जाओ।
2 And the fear of you and the dread of you shall be upon every beast of the earth, and upon every fowl of the air, upon all that moveth upon the earth, and upon all the fishes of the sea; into your hand are they delivered. 2 और तुम्हारा डर और भय पृथ्वी के सब पशुओं, और आकाश के सब पक्षियों, और भूमि पर के सब रेंगने वाले जन्तुओं, और समुद्र की सब मछलियों पर बना रहेगा: वे सब तुम्हारे वश में कर दिए जाते हैं।
3 Every moving thing that liveth shall be meat for you; even as the green herb have I given you all things. 3 सब चलने वाले जन्तु तुम्हारा आहार होंगे; जैसा तुम को हरे हरे छोटे पेड़ दिए थे, वैसा ही अब सब कुछ देता हूं।
4 But flesh with the life thereof, which is the blood thereof, shall ye not eat. 4 पर मांस को प्राण समेत अर्थात लोहू समेत तुम न खाना।
5 And surely your blood of your lives will I require; at the hand of every beast will I require it, and at the hand of man; at the hand of every man's brother will I require the life of man. 5 और निश्चय मैं तुम्हारा लोहू अर्थात प्राण का पलटा लूंगा: सब पशुओं, और मनुष्यों, दोनों से मैं उसे लूंगा: मनुष्य के प्राण का पलटा मैं एक एक के भाई बन्धु से लूंगा।
6 Whoso sheddeth man's blood, by man shall his blood be shed: for in the image of God made he man. 6 जो कोई मनुष्य का लोहू बहाएगा उसका लोहू मनुष्य ही से बहाया जाएगा क्योंकि परमेश्वर ने मनुष्य को अपने ही स्वरूप के अनुसार बनाया है।
7 And you, be ye fruitful, and multiply; bring forth abundantly in the earth, and multiply therein. 7 और तुम तो फूलो-फलो, और बढ़ो, और पृथ्वी में बहुत बच्चे जन्मा के उस में भर जाओ॥
8 And God spake unto Noah, and to his sons with him, saying, 8 फिर परमेश्वर ने नूह और उसके पुत्रों से कहा,
9 And I, behold, I establish my covenant with you, and with your seed after you; 9 सुनों, मैं तुम्हारे साथ और तुम्हारे पश्चात जो तुम्हारा वंश होगा, उसके साथ भी वाचा बान्धता हूं।
10 And with every living creature that is with you, of the fowl, of the cattle, and of every beast of the earth with you; from all that go out of the ark, to every beast of the earth. 10 और सब जीवित प्राणियों से भी जो तुम्हारे संग है क्या पक्षी क्या घरेलू पशु, क्या पृथ्वी के सब बनैले पशु, पृथ्वी के जितने जीवजन्तु जहाज से निकले हैं; सब के साथ भी मेरी यह वाचा बन्धती है:
Jump to top of page
11 And I will establish my covenant with you; neither shall all flesh be cut off any more by the waters of a flood; neither shall there any more be a flood to destroy the earth. 11 और मैं तुम्हारे साथ अपनी इस वाचा को पूरा करूंगा; कि सब प्राणी फिर जलप्रलय से नाश न होंगे: और पृथ्वी के नाश करने के लिये फिर जलप्रलय न होगा।
12 And God said, This is the token of the covenant which I make between me and you and every living creature that is with you, for perpetual generations: 12 फिर परमेश्वर ने कहा, जो वाचा मैं तुम्हारे साथ, और जितने जीवित प्राणी तुम्हारे संग हैं उन सब के साथ भी युग युग की पीढिय़ों के लिये बान्धता हूं; उसका यह चिन्ह है:
13 I do set my bow in the cloud, and it shall be for a token of a covenant between me and the earth. 13 कि मैं ने बादल में अपना धनुष रखा है वह मेरे और पृथ्वी के बीच में वाचा का चिन्ह होगा।
14 And it shall come to pass, when I bring a cloud over the earth, that the bow shall be seen in the cloud: 14 और जब मैं पृथ्वी पर बादल फैलाऊं जब बादल में धनुष देख पड़ेगा।
15 And I will remember my covenant, which is between me and you and every living creature of all flesh; and the waters shall no more become a flood to destroy all flesh. 15 तब मेरी जो वाचा तुम्हारे और सब जीवित शरीरधारी प्राणियों के साथ बान्धी है; उसको मैं स्मरण करूंगा, तब ऐसा जलप्रलय फिर न होगा जिस से सब प्राणियों का विनाश हो।
16 And the bow shall be in the cloud; and I will look upon it, that I may remember the everlasting covenant between God and every living creature of all flesh that is upon the earth. 16 बादल में जो धनुष होगा मैं उसे देख के यह सदा की वाचा स्मरण करूंगा जो परमेश्वर के और पृथ्वी पर के सब जीवित शरीरधारी प्राणियों के बीच बन्धी है।
17 And God said unto Noah, This is the token of the covenant, which I have established between me and all flesh that is upon the earth. 17 फिर परमेश्वर ने नूह से कहा जो वाचा मैं ने पृथ्वी भर के सब प्राणियों के साथ बान्धी है, उसका चिन्ह यही है॥
18 And the sons of Noah, that went forth of the ark, were Shem, and Ham, and Japheth: and Hamis the father of Canaan. 18 नूह के जो पुत्र जहाज में से निकले, वे शेम, हाम, और येपेत थे: और हाम तो कनान का पिता हुआ।
19 These are the three sons of Noah: and of them was the whole earth overspread. 19 नूह के तीन पुत्र ये ही हैं, और इनका वंश सारी पृथ्वी पर फैल गया।
20 And Noah began to be an husbandman, and he planted a vineyard: 20 और नूह किसानी करने लगा, और उसने दाख की बारी लगाई।
Jump to top of page
21 And he drank of the wine, and was drunken; and he was uncovered within his tent. 21 और वह दाखमधु पीकर मतवाला हुआ; और अपने तम्बू के भीतर नंगा हो गया।
22 And Ham, the father of Canaan, saw the nakedness of his father, and told his two brethren without. 22 तब कनान के पिता हाम ने, अपने पिता को नंगा देखा, और बाहर आकर अपने दोनों भाइयों को बतला दिया।
23 And Shem and Japheth took a garment, and laid it upon both their shoulders, and went backward, and covered the nakedness of their father; and their faces were backward, and they saw not their father's nakedness. 23 तब शेम और येपेत दोनों ने कपड़ा ले कर अपने कन्धों पर रखा, और पीछे की ओर उलटा चलकर अपने पिता के नंगे तन को ढांप दिया, और वे अपना मुख पीछे किए हुए थे इसलिये उन्होंने अपने पिता को नंगा न देखा।
24 And Noah awoke from his wine, and knew what his younger son had done unto him. 24 जब नूह का नशा उतर गया, तब उसने जान लिया कि उसके छोटे पुत्र ने उससे क्या किया है।
25 And he said, Cursed be Canaan; a servant of servants shall he be unto his brethren. 25 इसलिये उसने कहा, कनान शापित हो: वह अपने भाई बन्धुओं के दासों का दास हो।
26 And he said, Blessed be the LORD God of Shem; and Canaan shall be his servant. 26 फिर उसने कहा, शेम का परमेश्वर यहोवा धन्य है, और कनान शेम का दास होवे।
27 God shall enlarge Japheth, and he shall dwell in the tents of Shem; and Canaan shall be his servant. 27 परमेश्वर येपेत के वंश को फैलाए; और वह शेम के तम्बुओं में बसे, और कनान उसका दास होवे।
28 And Noah lived after the flood three hundred and fifty years. 28 जलप्रलय के पश्चात नूह साढ़े तीन सौ वर्ष जीवित रहा।
29 And all the days of Noah were nine hundred and fifty years: and he died. 29 और नूह की कुल अवस्था साढ़े नौ सौ वर्ष की हुई: तत्पश्चात वह मर गया।
(Ch-08) Previous == Jump to top of page == Next ( Ch-10)