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Bible English Sentence बाइबिल हिन्दी सेंटेंस
CHAPTER 28 अध्याय 28
Ch-27 == Ch-29
1 Then Jacob went on his journey, and came into the land of the people of the east. 1 फिर याकूब ने अपना मार्ग लिया, और पूर्व्वियों के देश में आया।
2 And he looked, and behold a well in the field, and, lo, there were three flocks of sheep lying by it; for out of that well they watered the flocks: and a great stone was upon the well's mouth. 2 और उसने दृष्टि करके क्या देखा, कि मैदान में एक कुंआ है, और उसके पास भेड़-बकरियों के तीन झुण्ड बैठे हुए हैं; क्योंकि जो पत्थर उस कुएं के मुंह पर धरा रहता था, जिस में से झुण्डों को जल पिलाया जाता था, वह भारी था।
3 And thither were all the flocks gathered: and they rolled the stone from the well's mouth, and watered the sheep, and put the stone again upon the well's mouth in his place. 3 और जब सब झुण्ड वहां इकट्ठे हो जाते तब चरवाहे उस पत्थर को कुएं के मुंह पर से लुढ़का कर भेड़-बकरियों को पानी पिलाते, और फिर पत्थर को कुएं के मुंह पर ज्यों का त्यों रख देते थे।
4 And Jacob said unto them, My brethren, whence be ye? And they said, Of Haran are we. 4 सो याकूब ने चरवाहों से पूछा, हे मेरे भाइयो, तुम कहां के हो? उन्होंने कहा, हम हारान के हैं।
5 And he said unto them, Know ye Laban the son of Nahor? And they said, We know him. 5 तब उसने उन से पूछा, क्या तुम नाहोर के पोते लाबान को जानते हो? उन्होंने कहा, हां, हम उसे जानते हैं।
6 And he said unto them, Is he well? And they said, He is well: and, behold, Rachel his daughter cometh with the sheep. 6 फिर उसने उन से पूछा, क्या वह कुशल से है? उन्होंने कहा, हां, कुशल से तो है और वह देख, उसकी बेटी राहेल भेड़-बकरियों को लिये हुए चली आती है।
7 And he said, Lo, it is yet high day, neither is it time that the cattle should be gathered together: water ye the sheep, and go and feed them. 7 उसने कहा, देखो, अभी तो दिन बहुत है, पशुओं के इकट्ठे होने का समय नहीं: सो भेड़-बकरियों को जल पिलाकर फिर ले जा कर चराओ।
8 And they said, We cannot, until all the flocks be gathered together, and till they roll the stone from the well's mouth; then we water the sheep. 8 उन्होंने कहा, हम अभी ऐसा नहीं कर सकते, जब सब झुण्ड इकट्ठे होते हैं तब पत्थर कुएं के मुंह से लुढ़काया जाता है, और तब हम भेड़-बकरियों को पानी पिलाते हैं।
9 And while he yet spake with them, Rachel came with her father's sheep: for she kept them. 9 उनकी यह बातचीत हो रही थी, कि राहेल जो पशु चराया करती थी, सो अपने पिता की भेड़-बकरियों को लिये हुए आ गई।
10 And it came to pass, when Jacob saw Rachel the daughter of Laban his mother's brother, and the sheep of Laban his mother's brother, that Jacob went near, and rolled the stone from the well's mouth, and watered the flock of Laban his mother's brother. 10 अपने मामा लाबान की बेटी राहेल को, और उसकी भेड़-बकरियों को भी देख कर याकूब ने निकट जा कर कुएं के मुंह पर से पत्थर को लुढ़का कर अपने मामा लाबान की भेड़-बकरियों को पानी पिलाया।
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11 And Jacob kissed Rachel, and lifted up his voice, and wept. 11 तब याकूब ने राहेल को चूमा, और ऊंचे स्वर से रोया।
12 And Jacob told Rachel that he was her father's brother, and that he was Rebekah's son: and she ran and told her father. 12 और याकूब ने राहेल को बता दिया, कि मैं तेरा फुफेरा भाई हूं, अर्थात रिबका का पुत्र हूं: तब उसने दौड़ के अपने पिता से कह दिया।
13 And it came to pass, when Laban heard the tidings of Jacob his sister's son, that he ran to meet him, and embraced him, and kissed him, and brought him to his house. And he told Laban all these things. 13 अपने भानजे याकूब का समाचार पाते ही लाबान उससे भेंट करने को दौड़ा, और उसको गले लगाकर चूमा, फिर अपने घर ले आया। और याकूब ने लाबान से अपना सब वृत्तान्त वर्णन किया।
14 And Laban said to him, Surely thou art my bone and my flesh. And he abode with him the space of a month. 14 तब लाबान ने याकूब से कहा, तू तो सचमुच मेरी हड्डी और मांस है। सो याकूब एक महीना भर उसके साथ रहा।
15 And Laban said unto Jacob, Because thou art my brother, shouldest thou therefore serve me for nought? tell me, what shall thy wages be? 15 तब लाबान ने याकूब से कहा, भाईबन्धु होने के कारण तुझ से सेंतमेंत सेवा कराना मुझे उचित नहीं है, सो कह मैं तुझे सेवा के बदले क्या दूं?
16 And Laban had two daughters: the name of the elder was Leah, and the name of the younger was Rachel. 16 लाबान के दो बेटियां थी, जिन में से बड़ी का नाम लिआ: और छोटी का राहेल था।
17 Leah was tender eyed; but Rachel was beautiful and well favoured. 17 लिआ: के तो धुन्धली आंखे थी, पर राहेल रूपवती और सुन्दर थी।
18 And Jacob loved Rachel; and said, I will serve thee seven years for Rachel thy younger daughter. 18 सो याकूब ने, जो राहेल से प्रीति रखता था, कहा, मैं तेरी छोटी बेटी राहेल के लिये सात बरस तेरी सेवा करूंगा।
19 And Laban said, It is better that I give her to thee, than that I should give her to another man: abide with me. 19 लाबान ने कहा, उसे पराए पुरूष को देने से तुझ को देना उत्तम होगा; सो मेरे पास रह।
20 And Jacob served seven years for Rachel; and they seemed unto him but a few days, for the love he had to her. 20 सो याकूब ने राहेल के लिये सात बरस सेवा की; और वे उसको राहेल की प्रीति के कारण थोड़े ही दिनों के बराबर जान पड़े।
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21 And Jacob said unto Laban, Give me my wife, for my days are fulfilled, that I may go in unto her. 21 तब याकूब ने लाबान से कहा, मेरी पत्नी मुझे दे, और मैं उसके पास जाऊंगा, क्योंकि मेरा समय पूरा हो गया है।
22 And Laban gathered together all the men of the place, and made a feast. 22 सो लाबान ने उस स्थान के सब मनुष्यों को बुला कर इकट्ठा किया, और उनकी जेवनार की।
23 And it came to pass in the evening, that he took Leah his daughter, and brought her to him; and he went in unto her. 23 सांझ के समय वह अपनी बेटी लिआ: को याकूब के पास ले गया, और वह उसके पास गया।
24 And Laban gave unto his daughter Leah Zilpah his maid for an handmaid. 24 और लाबान ने अपनी बेटी लिआ: को उसकी लौंडी होने के लिये अपनी लौंडी जिल्पा दी।
25 And it came to pass, that in the morning, behold, it was Leah: and he said to Laban, What is this thou hast done unto me? did not I serve with thee for Rachel? wherefore then hast thou beguiled me? 25 भोर को मालूम हुआ कि यह तो लिआ है, सो उसने लाबान से कहा यह तू ने मुझ से क्या किया है? मैं ने तेरे साथ रहकर जो तेरी सेवा की, सो क्या राहेल के लिये नहीं की? फिर तू ने मुझ से क्यों ऐसा छल किया है?
26 And Laban said, It must not be so done in our country, to give the younger before the firstborn. 26 लाबान ने कहा, हमारे यहां ऐसी रीति नहीं, कि जेठी से पहिले दूसरी का विवाह कर दें।
27 Fulfil her week, and we will give thee this also for the service which thou shalt serve with me yet seven other years. 27 इसका सप्ताह तो पूरा कर; फिर दूसरी भी तुझे उस सेवा के लिये मिलेगी जो तू मेरे साथ रह कर और सात वर्ष तक करेगा।
28 And Jacob did so, and fulfilled her week: and he gave him Rachel his daughter to wife also. 28 सो याकूब ने ऐसा ही किया, और लिआ: के सप्ताह को पूरा किया; तब लाबान ने उसे अपनी बेटी राहेल को भी दिया, कि वह उसकी पत्नी हो।
29 And Laban gave to Rachel his daughter Bilhah his handmaid to be her maid. 29 और लाबान ने अपनी बेटी राहेल की लौंडी होने के लिये अपनी लौंडी बिल्हा को दिया।
30 And he went in also unto Rachel, and he loved also Rachel more than Leah, and served with him yet seven other years. 30 तब याकूब राहेल के पास भी गया, और उसकी प्रीति लिआ: से अधिक उसी पर हुई, और उसने लाबान के साथ रहकर सात वर्ष और उसकी सेवा की॥
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31 And when the LORD saw that Leah was hated, he opened her womb: but Rachel was barren. 31 जब यहोवा ने देखा, कि लिआ: अप्रिय हुई, तब उसने उसकी कोख खोली, पर राहेल बांझ रही।
32 And Leah conceived, and bare a son, and she called his name Reuben: for she said, Surely the LORD hath looked upon my affliction; now therefore my husband will love me. 32 सो लिआ: गर्भवती हुई, और उसके एक पुत्र उत्पन्न हुआ, और उसने यह कहकर उसका नाम रूबेन रखा, कि यहोवा ने मेरे दु:ख पर दृष्टि की है: सो अब मेरा पति मुझ से प्रीति रखेगा।
33 And she conceived again, and bare a son; and said, Because the LORD hath heard that I was hated, he hath therefore given me this son also: and she called his name Simeon. 33 फिर वह गर्भवती हुई और उसके एक पुत्र उत्पन्न हुआ; और उसने यह कहा कि यह सुनके, कि मैं अप्रिय हूं यहोवा ने मुझे यह भी पुत्र दिया: इसलिये उसने उसका नाम शिमोन रखा।
34 And she conceived again, and bare a son; and said, Now this time will my husband be joined unto me, because I have born him three sons: therefore was his name called Levi. 34 फिर वह गर्भवती हुई और उसके एक पुत्र उत्पन्न हुआ; और उसने कहा, अब की बार तो मेरा पति मुझ से मिल जाएगा, क्योंकि उससे मेरे तीन पुत्र उत्पन्न हुए: इसलिये उसका नाम लेवी रखा गया।
35 And she conceived again, and bare a son: and she said, Now will I praise the LORD: therefore she called his name Judah; and left bearing. 35 और फिर वह गर्भवती हुई और उसके एक और पुत्र उत्पन्न हुआ; और उसने कहा, अब की बार तो मैं यहोवा का धन्यवाद करूंगी, इसलिये उसने उसका नाम यहूदा रखा; तब उसकी कोख बन्द हो गई॥
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