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Bible English Sentence बाइबिल हिन्दी सेंटेंस
CHAPTER 44 अध्याय 44
(Ch-43 ) Previous == == Next ( Ch-45)
1 And he commanded the steward of his house, saying, Fill the men's sacks with food, as much as they can carry, and put every man's money in his sack's mouth. तब उसने अपने घर के अधिकारी को आज्ञा दी, कि इन मनुष्यों के बोरों में जितनी भोजनवस्तु समा सके उतनी भर दे, और एक एक जन के रूपये को उसके बोरे के मुंह पर रख दे।
2 And put my cup, the silver cup, in the sack's mouth of the youngest, and his corn money. And he did according to the word that Joseph had spoken. 2 और मेरा चांदी का कटोरा छोटे के बोरे के मुंह पर उसके अन्न के रूपये के साथ रख दे। यूसुफ की इस आज्ञा के अनुसार उसने किया।
3 As soon as the morning was light, the men were sent away, they and their asses. 3 बिहान को भोर होते ही वे मनुष्य अपने गदहों समेत विदा किए गए।
4 And when they were gone out of the city, and not yet far off, Joseph said unto his steward, Up, follow after the men; and when thou dost overtake them, say unto them, Wherefore have ye rewarded evil for good? 4 वे नगर से निकले ही थे, और दूर न जाने पाए थे, कि यूसुफ ने अपने घर के अधिकारी से कहा, उन मनुष्यों का पीछा कर, और उन को पाकर उन से कह, कि तुम ने भलाई की सन्ती बुराई क्यों की है?
5 Is not this it in which my lord drinketh, and whereby indeed he divineth? ye have done evil in so doing. 5 क्या यह वह वस्तु नहीं जिस में मेरा स्वामी पीता है, और जिस से वह शकुन भी विचारा करता है? तुम ने यह जो किया है सो बुरा किया।
6 And he overtook them, and he spake unto them these same words. 6 तब उसने उन्हें जा लिया, और ऐसी ही बातें उन से कहीं।
7 And they said unto him, Wherefore saith my lord these words? God forbid that thy servants should do according to this thing: 7 उन्होंने उससे कहा, हे हमारे प्रभु, तू ऐसी बातें क्यों कहता है? ऐसा काम करना तेरे दासों से दूर रहे।
8 Behold, the money, which we found in our sacks' mouths, we brought again unto thee out of the land of Canaan: how then should we steal out of thy lord's house silver or gold? 8 देख जो रूपया हमारे बोरोंके मुंह पर निकला था, जब हम ने उसको कनान देश से ले आकर तुझे फेर दिया, तब, भला, तेरे स्वामी के घर में से हम कोई चांदी वा सोने की वस्तु क्योंकर चुरा सकते हैं?
9 With whomsoever of thy servants it be found, both let him die, and we also will be my lord's bondmen. 9 तेरे दासों में से जिस किसी के पास वह निकले, वह मार डाला जाए, और हम भी अपने उस प्रभु के दास जो जाएं।
10 And he said, Now also let it be according unto your words: he with whom it is found shall be my servant; and ye shall be blameless. 10 उसने कहा तुम्हारा ही कहना सही, जिसके पास वह निकले सो मेरा दास होगा; और तुम लोग निरपराध ठहरोगे।
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11 Then they speedily took down every man his sack to the ground, and opened every man his sack. 11 इस पर वे फुर्ती से अपने अपने बोरे को उतार भूमि पर रखकर उन्हें खोलने लगे।
12 And he searched, and began at the eldest, and left at the youngest: and the cup was found in Benjamin's sack. 12 तब वह ढूंढ़ने लगा, और बड़े के बोरे से लेकर छोटे के बोरे तक खोज की: और कटोरा बिन्यामीन के बोरे में मिला।
13 Then they rent their clothes, and laded every man his ass, and returned to the city. 13 तब उन्होंने अपने अपने वस्त्र फाड़े, और अपना अपना गदहा लादकर नगर को लौट गए।
14 And Judah and his brethren came to Joseph's house; for he was yet there: and they fell before him on the ground. 14 जब यहूदा और उसके भाई यूसुफ के घर पर पहुंचे, और यूसुफ वहीं था, तब वे उसके साम्हने भूमि पर गिरे।
15 And Joseph said unto them, What deed is this that ye have done? wot ye not that such a man as I can certainly divine? 15 यूसुफ ने उन से कहा, तुम लोगों ने यह कैसा काम किया है? क्या तुम न जानते थे, कि मुझ सा मनुष्य शकुन विचार सकता है?
16 And Judah said, What shall we say unto my lord? what shall we speak? or how shall we clear ourselves? God hath found out the iniquity of thy servants: behold, we are my lord's servants, both we, and he also with whom the cup is found. 16 यहूदा ने कहा, हम लोग अपने प्रभु से क्या कहें? हम क्या कहकर अपने को निर्दोषी ठहराएं? परमेश्वर ने तेरे दासों के अधर्म को पकड़ लिया है: हम, और जिसके पास कटोरा निकला वह भी, हम सब के सब अपने प्रभु के दास ही हैं।
17 And he said, God forbid that I should do so: but the man in whose hand the cup is found, he shall be my servant; and as for you, get you up in peace unto your father. 17 उसने कहा, ऐसा करना मुझ से दूर रहे: जिस जन के पास कटोरा निकला है, वही मेरा दास होगा; और तुम लोग अपने पिता के पास कुशल क्षेम से चले जाओ।
18 Then Judah came near unto him, and said, Oh my lord, let thy servant, I pray thee, speak a word in my lord's ears, and let not thine anger burn against thy servant: for thou art even as Pharaoh. 18 तब यहूदा उसके पास जा कर कहने लगा, हे मेरे प्रभु, तेरे दास को अपने प्रभु से एक बात कहने की आज्ञा हो, और तेरा कोप तेरे दास पर न भड़के; तू तो फिरौन के तुल्य है।
19 My lord asked his servants, saying, Have ye a father, or a brother? 19 मेरे प्रभु ने अपने दासों से पूछा था, कि क्या तुम्हारे पिता वा भाई हैं?
20 And we said unto my lord, We have a father, an old man, and a child of his old age, a little one; and his brother is dead, and he alone is left of his mother, and his father loveth him. 20 और हम ने अपने प्रभु से कहा, हां, हमारा बूढ़ा पिता तो है, और उसके बुढ़ापे का एक छोटा सा बालक भी है, परन्तु उसका भाई मर गया है, इसलिये वह अब अपनी माता का अकेला ही रह गया है, और उसका पिता उससे स्नेह रखता है।
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21 And thou saidst unto thy servants, Bring him down unto me, that I may set mine eyes upon him. 21 तब तू ने अपने दासों से कहा था, कि उसको मेरे पास ले आओ, जिस से मैं उसको देखूं।
22 And we said unto my lord, The lad cannot leave his father: for if he should leave his father, his father would die. 22 तब हम ने अपने प्रभु से कहा था, कि वह लड़का अपने पिता को नहीं छोड़ सकता; नहीं तो उसका पिता मर जाएगा।
23 And thou saidst unto thy servants, Except your youngest brother come down with you, ye shall see my face no more. 23 और तू ने अपने दासों से कहा, यदि तुम्हारा छोटा भाई तुम्हारे संग न आए, तो तुम मेरे सम्मुख फिर न आने पाओगे।
24 And it came to pass when we came up unto thy servant my father, we told him the words of my lord. 24 सो जब हम अपने पिता तेरे दास के पास गए, तब हम ने उससे अपने प्रभु की बातें कहीं।
25 And our father said, Go again, and buy us a little food. 25 तब हमारे पिता ने कहा, फिर जा कर हमारे लिये थोड़ी सी भोजनवस्तु मोल ले आओ।
26 And we said, We cannot go down: if our youngest brother be with us, then will we go down: for we may not see the man's face, except our youngest brother be with us. 26 हम ने कहा, हम नहीं जा सकते, हां, यदि हमारा छोटा भाई हमारे संग रहे, तब हम जाएंगे: क्योंकि यदि हमारा छोटा भाई हमारे संग न रहे, तो उस पुरूष के सम्मुख न जाने पाएंगे।
27 And thy servant my father said unto us, Ye know that my wife bare me two sons: 27 तब तेरे दास मेरे पिता ने हम से कहा, तुम तो जानते हो कि मेरी स्त्री से दो पुत्र उत्पन्न हुए।
28 And the one went out from me, and I said, Surely he is torn in pieces; and I saw him not since: 28 और उन में से एक तो मुझे छोड़ ही गया, और मैं ने निश्चय कर लिया, कि वह फाड़ डाला गया होगा ; और तब से मैं उसका मुंह न देख पाया
29 And if ye take this also from me, and mischief befall him, ye shall bring down my gray hairs with sorrow to the grave. 29 सो यदि तुम इस को भी मेरी आंख की आड़ में ले जाओ, और कोई विपत्ति इस पर पड़े, तो तुम्हारे कारण मैं इस पक्के बाल की अवस्था में दु:ख के साथ अधोलोक में उतर जाऊंगा।
30 Now therefore when I come to thy servant my father, and the lad be not with us; seeing that his life is bound up in the lad's life; 30 सो जब मैं अपने पिता तेरे दास के पास पहुंचूं, और यह लड़का संग न रहे, तब, उसका प्राण जो इसी पर अटका रहता है,
31 It shall come to pass, when he seeth that the lad is not with us, that he will die: and thy servants shall bring down the gray hairs of thy servant our father with sorrow to the grave. 31 इस कारण, यह देखके कि लड़का नहीं है, वह तुरन्त ही मर जाएगा। तब तेरे दासों के कारण तेरा दास हमारा पिता, जो पक्के बालों की अवस्था का है, शोक के साथ अधोलोक में उतर जाएगा।
32 For thy servant became surety for the lad unto my father, saying, If I bring him not unto thee, then I shall bear the blame to my father for ever. 32 फिर तेरा दास अपने पिता के यहां यह कहके इस लड़के का जामिन हुआ है, कि यदि मैं इस को तेरे पास न पहुंचा दूं, तब तो मैं सदा के लिये तेरा अपराधी ठहरूंगा।
33 Now therefore, I pray thee, let thy servant abide instead of the lad a bondman to my lord; and let the lad go up with his brethren. 33 सो अब तेरा दास इस लड़के की सन्ती अपने प्रभु का दास हो कर रहने की आज्ञा पाए, और यह लड़का अपने भाइयों के संग जाने दिया जाए।
34 For how shall I go up to my father, and the lad be not with me? lest peradventure I see the evil that shall come on my father. 34 क्योंकि लड़के के बिना संग रहे मैं क्योंकर अपने पिता के पास जा सकूंगा; ऐसा न हो कि मेरे पिता पर जो दु:ख पड़ेगा वह मुझे देखना पड़े॥
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